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Showing posts from February, 2021

I Know The Pain

They say why you used to help any and every girl even out of your lane? I guess because I don't have a vagina and still I know the pain... They say why girls are so close to you and their trust, how you used to gain? I guess because I don't have a vagina; and still I know the pain... They say why you talk about periods openly and wash their bloodstain? I guess beacuase I don't have a vagina and still I know the pain... In this puta society I never think twice before taking a stand, Because I also have been sexually assaulted, and I know the pain...

The Photograph

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'हमेशा की तरह उस शनिवार भी वो पलकें झुकाए घाट किनारे बैठ कर हमारी राह तक रहीं थीं। और हमेशा की तरह ये सब मैं दूर से देख रहा था और ये देख कर मुझे ऐसा लग रहा था मानो किसी कोयल को सावन का इंतजार है। फिर मैं उधर से दो पूर्वे में चाय ले कर आया और जान बूझ कर एक पूर्वा गिरा कर ये दिखाया कि गलती से गिर गया और उन्होंने मुझे ऐसे देखा जैसे उन्हें ये पता था कि एक पूर्वा टूटने वाला है। फिर एक मायूस सा चेहरा बना कर मैंने उन्हें दूसरा पूर्वा पकड़ा दिया। उन्होंने धूप में हो रही बारिश में भींगे हुए बेल की पत्तियों जैसे अपने होठों से पूर्वे को लगाया और चाय की चुस्कियां भरने लगी और ये देख कर हमारा गला सुख रहा था। फिर मुझे बहुत देर तक ऐसे तड़पाने के बाद अंततः उन्होंने अपने पूर्वे को हमारी तरफ आगे बढ़ाया और मैंने लपक कर वो पूर्वा पकड़ लिया। उस पूर्वे की उपरी सतह पर उनके होठों के निशान ऐसे लग रहे थे मनों किसी सदियों से सुखी पड़ी बंजर ज़मीन पर घनघोर बारिश हुई हो जिसकी वजह से उसकी रूखी दरख़्तों में हल्की नमी सी आ गई थी और उसकी महक और भी सौंधी सी हो गई थी जिसके सुगंध मात्र से ही मेरा जी आनंदित ...

Zindagi aa baith, ek baat bta....

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इक बात बता ऐ ज़िंदगी, है क्यूं नाइंसाफ, कठोर, चालाक तू? ऊंचे किले में रूपए जल रहे, मजबूर घर में अंधेरा क्यूं? तेरी नाइंसाफी और कठोरता के चर्चे, सारे संसार में हैं; अब मैं और क्या कहूं? दूर कहीं, आसमान और धरती का संगम ऐसा जैसे मानो एक दूजे के लिए बने हो पर अब इनकी जुदाई कैसे सहुं? इक बात बता ऐ ज़िंदगी, है क्यूं नाइंसाफ, कठोर, चालाक तू? गहरे पानी में इंसान उतर रहे, बाजारों में जल वनस्पति क्यूं? तेरा भी खेला निराला, एक को अमीर घर में पैदा किया तो दूसरे को गरीब घर का चिराग बनाया क्यूं!  फिर मुसाफ़िर बना कर इस जग में, पकड़ा दिया कोरा पन्ना, मौका दिया सबको एक बराबर, अब किस्मत लिख सका तो लिख 'लहू'!!! तूने बस इंसान बनाया, बदल दिए सारे पहलू अब समझा ज़िंदगी, है क्यूं नाइंसाफ, कठोर, चालाक तू।

Namard

उस रात मैंने चाय नहीं, कॉफी बनाई; एकदम कड़क। मैं सारी रात सो ही नहीं पाया, यही सोचता रहा कि; "मैं नामर्द होता तो अच्छा होता। अगर मैं नामर्द होता या में समलैंगिक होता, तो शायद औरतें, लड़कियां, बहनें मुझसे बात करने में झिझकती नहीं, मुझसे मदद मांगने से पहले अपना पल्लू ठीक नहीं करती, मुझे देखकर अपने बैठने का सलीका नहीं बदलती। अगर मूछों पर ताव देकर बगल से गुजरती औरत को हीन नजरो से देखना और ओछी हरकते करना मर्दों का काम है, मर्दानगी है, तो में नामर्द या समलैंगिक होता तो अच्छा होता। लोग नशे में इज्जत से खेल जाते हैं, और जान भी ले लेते है, और अगर मुझसे भी ऐसा हो सकता है, तो अच्छा होता कि में नामर्द या समलैंगिक होता। उस रात मेरे आंखों में आसूं नहीं थे, पर मेरी आत्मा चीख-चीख कर रो रही थी, और दर्द बस इस बात का है कि उस चीख को सुनने वाला और उस दर्द को समझने वाला कोई नहीं था।

Randa

So a girl scrolled down to all her "you may know" suggestions on the instagram and then sended follow request to more than a dozen of guys and also texted them "Hi" to every of them because she was being bored. Some of 'em replied because they were interested in her (not because she started screwing first with there dm), some of 'em followed back and some ignored; then she deleted texts of those who ignored and unfollowed them and started chating with atleast minimum of 5 guys at a time in which almost two of 'em on average has feelings for her and she suddenly switches to another dozen guys following the same process. And then a guy had come to know that she is doing this type of things and then he started abusing her and posting disturbing status pointing out to her and even when possible he stated her as a "RANDI" very easily. I don't know if there is such word like "RANDA", but if there is not; girls please make or use some wo...

Fresher's Party

उन्होंने चाय की एक चुस्की ली, उसके स्वाद का आनन्द उनके चेहरे पर झलक रहा था; फिर उन्होंने ने कहानी आगे बढ़ाते हुए कहा कि हमारी पहली मुलाकात कैंटीन पर हुई थी, हम सभी वहा चाय पीने गए थे; वहा मैंने उन्हें पहली बार देखा था। उन्हें देख कर ऐसा लगा था मानो जैसे कोई पुरानी हवेली; देखने में तो काफी शानदार पर तहखाने में जैसे कई राज़ छुपाए हों। दिन बीतते गए और फिर हमारे रास्ते टकरा ही गए, हमें freshers party पर dance करने के लिए चुना गया, करना तो था couple dance: पर उन्हें झिझक थी, शायद थोड़ा डर भी; और हो भी क्यों ना, बातें तो अभी निगाहों से ही होती थी ना। फिर उन्होंने कहा कि हम भांगड़ा करते है ना! बस Mr.&Miss Freshers बन गए हम। आंखे नम थी, होठ कांप रहे थे; हाथ में कलम थी और table पर divorce के दस्तावेज, और वो अचानक से उठ खड़े हुए; भाग कर दरवाज़े पर गए और फिर साथ ही दोनों दरवाज़े खुले, निगाहें मिली और निगाहों ने ही सारी गलतियों की माफी मांगी ली।

Sweet Little Love Story

सुबह-सुबह 5:30 पर बजता था alarm, उठते ही face wash करता, बिना नहाए प्रेस की हुई t-shirt cupboard से निकालकर पहनता और भागकर बालकनी में जाकर बैठ जाता था। फिर वो आती थी बालकनी में आंखे मीचते, अंगड़ाई लेते। बिखरे हुए बाल, चेहरे पर मासूमियत, नाक पर गुस्सा और होठों पर मुस्कान लिए; और जब सूरज की पहली किरण उसके चेहरे पर पड़ती तो मानो ऐसा लगता जैसे अमावस की रात में चांद खिल उठा हो और ये सब वो बैठ कर देखता रहता। 11 साल बीत गए, आज भी उसी समय पर alarm बजता है और वो भी उसी समय बालकनी में आती है, बस अब अंतर इतना है कि दोनों एक ही बालकनी में अंगड़ाई लेते हैं। 

Tiranga

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तू लाख लगा ले ज़ोर पिया, चाहे कर ले वो जो कभी ना किया; तेरी इक भी अरज ना श्रव्य मोहे, कारण मैंने हृदय सलोना तीन रंग पे वार दिया।