They say why you used to help any and every girl even out of your lane? I guess because I don't have a vagina and still I know the pain... They say why girls are so close to you and their trust, how you used to gain? I guess because I don't have a vagina; and still I know the pain... They say why you talk about periods openly and wash their bloodstain? I guess beacuase I don't have a vagina and still I know the pain... In this puta society I never think twice before taking a stand, Because I also have been sexually assaulted, and I know the pain...
'हमेशा की तरह उस शनिवार भी वो पलकें झुकाए घाट किनारे बैठ कर हमारी राह तक रहीं थीं। और हमेशा की तरह ये सब मैं दूर से देख रहा था और ये देख कर मुझे ऐसा लग रहा था मानो किसी कोयल को सावन का इंतजार है। फिर मैं उधर से दो पूर्वे में चाय ले कर आया और जान बूझ कर एक पूर्वा गिरा कर ये दिखाया कि गलती से गिर गया और उन्होंने मुझे ऐसे देखा जैसे उन्हें ये पता था कि एक पूर्वा टूटने वाला है। फिर एक मायूस सा चेहरा बना कर मैंने उन्हें दूसरा पूर्वा पकड़ा दिया। उन्होंने धूप में हो रही बारिश में भींगे हुए बेल की पत्तियों जैसे अपने होठों से पूर्वे को लगाया और चाय की चुस्कियां भरने लगी और ये देख कर हमारा गला सुख रहा था। फिर मुझे बहुत देर तक ऐसे तड़पाने के बाद अंततः उन्होंने अपने पूर्वे को हमारी तरफ आगे बढ़ाया और मैंने लपक कर वो पूर्वा पकड़ लिया। उस पूर्वे की उपरी सतह पर उनके होठों के निशान ऐसे लग रहे थे मनों किसी सदियों से सुखी पड़ी बंजर ज़मीन पर घनघोर बारिश हुई हो जिसकी वजह से उसकी रूखी दरख़्तों में हल्की नमी सी आ गई थी और उसकी महक और भी सौंधी सी हो गई थी जिसके सुगंध मात्र से ही मेरा जी आनंदित ...
इक बात बता ऐ ज़िंदगी, है क्यूं नाइंसाफ, कठोर, चालाक तू? ऊंचे किले में रूपए जल रहे, मजबूर घर में अंधेरा क्यूं? तेरी नाइंसाफी और कठोरता के चर्चे, सारे संसार में हैं; अब मैं और क्या कहूं? दूर कहीं, आसमान और धरती का संगम ऐसा जैसे मानो एक दूजे के लिए बने हो पर अब इनकी जुदाई कैसे सहुं? इक बात बता ऐ ज़िंदगी, है क्यूं नाइंसाफ, कठोर, चालाक तू? गहरे पानी में इंसान उतर रहे, बाजारों में जल वनस्पति क्यूं? तेरा भी खेला निराला, एक को अमीर घर में पैदा किया तो दूसरे को गरीब घर का चिराग बनाया क्यूं! फिर मुसाफ़िर बना कर इस जग में, पकड़ा दिया कोरा पन्ना, मौका दिया सबको एक बराबर, अब किस्मत लिख सका तो लिख 'लहू'!!! तूने बस इंसान बनाया, बदल दिए सारे पहलू अब समझा ज़िंदगी, है क्यूं नाइंसाफ, कठोर, चालाक तू।
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